25 दिसंबर सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए कुछ भी करेगी इसका ताजा उदाहरण है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता हत्याकांड जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास मान्य मुख्यमंत्री जी और प्रदेश सरकार की प्रभावी पैरवी के कारण अदालत द्वारा सजा भी दी जा चुकी है। उस बेटी के प्रकरण की आड़ लेकर सत्ता के लिए बेचैन कांग्रेस पार्टी की मिली भगत से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दलित राष्ट्रीय नेता की सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है दो लोग आपस में फोन पर बात करते हुए वीडियो में ऑडियो का सहारा लिया जा रहा है जिसमें घोर आपत्तिजनक शर्मनाक गाली गलौज से परिपूर्ण वार्ता का उल्लेख किया जा रहा है जो लोग बात कर रहे हैं वह स्वयं आपस में काफी समय से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण VIP को लेकर मौजूद रहे हैं तब उन्होंने पुलिस को साक्ष्य प्रस्तुत समय पर क्यों नहीं किये। यदि साक्ष्य मौजूद है तो पुलिस को सहयोग करना चाहिए था। हमारी सरकार अंकिता हत्याकांड की घोर निंदा करती है तथा ऐसे मामले में लिप्त किसी भी व्यक्ति के साथ नहीं है। गलत काम करने पर दोषी कोई भी हो कार्यवाही होगी। किंतु राजनीतिक द्वेष भावना से प्रेरित होकर किसी भी राजनेता की सामाजिक और राजनीतिक छवि खराब करने का अधिकार किसी को नहीं है।
मकवाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अंकिता हत्याकांड में प्रभावी कार्रवाई की जिसका परिणाम है कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है किंतु कांग्रेस इस प्रकरण में केवल राजनीति करने का कार्य करती रही है और अब वह दलित विरोध पर भी उतर आई है भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय दलित नेता को बदनाम किया जा रहा है केवल दो लोगों की आपस की ऑडियो वार्ता को साक्ष्य नहीं माना जा सकता जबकि उन दो लोगों में एक पक्ष प्रेस वार्ता करके आरोप लगा चुका है कि दूसरे पक्ष द्वारा ऑडियो AI के माध्यम से छेड़छाड़ करके बनाई गई है इसलिए आवश्यक है कि सरकार इस प्रकार के ऑडियो वीडियो की फॉरेंसिक जांच करायें कि इस प्रकार की वीडियो या ऑडियो का प्रयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया है भारतीय जनता पार्टी के सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट
के विरुद्ध भी अनर्गल बातें ऑडियो में करके उनकी छवि को खराब करना भी निंदनीय है। कांग्रेस अनुसूचित जाति के नेता और अनुसूचित समाज तथा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल करने के प्रयास बंद करें ।अन्यथा अनुसूचित समाज भी विरोध प्रदर्शन
