सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत कर , सौपा सफाई कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन -मकवाना

5 जनवरी मुख्यमंत्री आवास पर  पुष्कर सिंह धामी   यशस्वी मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार का सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा भगवत प्रसाद मकवाना के नेतृत्व में कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं सफाई कर्मचारी के वन टाइम सेटलमेंट के आदेश को निरस्त कर उनके मृतक आश्रित रोजगार को बहाल करने 5 लाख का सफाई कर्मचारियों का बीमा बहाल करने आदि के लिए उनको पगड़ी पहनाकर एवं रामायण भेंट कर किया स्वागत तथा आयोग के उपाध्यक्ष मकवाना द्वारा सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सौंपा माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन।
मकवाना ने कहा कि प्रदेश की स्थानीय निकायों का ढांचा स्वीकृत किया जाए ताकि मोहल्ला स्वच्छता समिति सफाई कर्मचारियों, नाला गैंग ,रात्रि कालीन, आउटसोर्स सफाई कर्मचारी को नियमितीकरण कारण का लाभ प्राप्त हो सके, सफाई कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का उपनल की भांति लाभ दिया जाए तथा उनको पीआरडी और उपनल की भांति वेतनमान लागू किया जाए, सफाई कर्मचारियों का बीमा बढ़ाकर 10 लाख किया जाए, महर्षि वाल्मीकि छात्रावास राजधानी देहरादून में खोला जाए अस्पताल के सफाई कर्मचारी हाई रिस्क में कार्य करते हैं उनको उपनल और पीआरडी की भांति वेतन लागू किया जाए, सफाई कर्मचारियों की पूरे प्रदेश में स्थाई भर्ती की जाए, सफाई कर्मचारी आयोग का ढांचा स्वीकृत किया जाए, हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों का सर्वेक्षण प्रशिक्षण एवं पुनर्वासन किया जाए तथा एक लाख तक के सफाई कर्मचारियों के बीजेपी घोषणा पत्र 2022 के अनुसार ऋण माफ किए गए। सफाई कर्मचारियों को भूमि अथवा आवास उपलब्ध कराए गए। सफाई कार्यालय में ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए आदि।
माननीय मुख्यमंत्री  ने समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
मानव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का स्वागत करने वालों में सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा भगवत प्रसाद मकवाना, राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री  विशाल बिरला, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र केसला प्रदेश प्रमुख महामंत्री  मदन वाल्मीकि,युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष  राजीव राजौरी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी  विनोद घाघट आदि मौजूद रहे।

 

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